ट्रेन से तो आपने कई बार सफर किया होगा। आपने देखा होगा कि ट्रेन में एक पैंट्री कार भी होता है। इसे हिंदी में रसोईयान भी कहा जाता है। इसके पीछे का मकसद ये होता है कि दूर सफर करने वाले यात्रियों को खाने-पीने में कोई दिक्कत न हो। इसी कोच में खाना तैयार किया जाता है और यात्रियों को परोसा जाता है। आमतौर पर पैंट्री कार ट्रेन के बीच में लगाया जाता है। ये तो आपने कई बार देखा होगा, लेकिन कभी सोचा है कि ये बीच में ही क्यों होता है? ट्रेन के आगे या पीछे क्यों नहीं लगा होता है? यदि नहीं, तो चलिए इस आर्टिकल में इसके पीछे का कारण हम आपको बताते हैं।
Related Stories
बीच में ही क्यों लगता है पैंट्री कार
अभी ऊपर पूछे गए सवाल कि पैंट्री कार ट्रेन के बीच में ही क्यों लगाया जाता है, को देखने के बाद आप इसका जवाब जानने के लिए उत्सुक हो रहे हैं। आइए आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं। ऐसा करने के पीछे पूरा ट्रेन अच्छे से कवर करना होता है। दरअसल पैंट्री कार बीच में होने का फायदा यह है कि उससे कर्मचारी ट्रेन के दोनों सिरों तक आसानी से और जल्दी पहुंच पाते हैं। इस वजह से ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को खाने की चीजें जल्दी और गर्म मिल सकती हैं।
अब तो आप समझ ही गए होंगे कि ट्रेन में पैंट्री कार को सबसे आगे या फिर पीछे क्यों नहीं लगाया जाता है। अगर ऐसा किया जाता है तो फिर कई सारे यात्री जो पैंट्री कार से सबसे दूर वाले कोच में होंगे, वो तो अपने खाने का इंतजार ही करते रह जाएंगे।
ये जानकारी भी ले लीजिए
अब आपने पैंट्री कार के बारे में जान लिया है तो फिर आइए आपको ट्रेन में लगने वाले जनरल कोच के बारे में भी बता देते हैं। आपको बताते हैं कि जनरल कोच बीच में क्यों नहीं लगता है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण भीड़ प्रबंधन हैं। अगर जनरल कोच ट्रेन के बीच में लगेगा तो इसे ट्रेन में चढ़ने- उतरने के कारण प्लेटफॉर्म के बीच में काफी भीड़ हो जाएगी और दूसरे यात्रियों को काफी दिक्कत होगी। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर चलने में भी लोगों को दिक्कत होगी। इसके अलावा एक और कारण है। आज के समय में ट्रेन के जनरल कोच को छोड़कर बाकी सभी कोच इंटरलिंक होते हैं और ऐसे में अगर जनरल कोच को बीच में लगा दिया जाए तो उससे बाकी कोच दो भागों में बट जाएंगे और इससे सबसे बड़ी दिक्कत पेंट्री कार कर्मचारियों को होगी क्योंकि वो सभी कोच में नहीं पहुंच पाएंगे।
नोट: इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई वो अलग-अलग रिपोर्ट्स पर आधारित है और इंडिया टीवी इनकी पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें-
साल 1989 में कितनी महंगाई थी? वायरल Video देख लग जाएगा अंदाजा, लोगों ने भी किया रिएक्ट
आम तोड़ने पेड़ पर चढ़ा और पेड़ का ही सत्यानाश कर दिया, देखें वायरल Video